शहीद जवान श्रद्धांजली संदेश,कविता 2022 | Shahid Javan Condolence In Hindi

शहीद जवान श्रद्धांजली संदेश,कविता

हम हर रोज टीव्ही पर देखते हे की हमारे इतणे जवान शहीद हो गये ये देख कर दुख तो बहुत होता हे और हम ऊनको स्टेटस रख कर भावपूर्ण श्रद्धांजली देना चाहते है पर कूच अच्छा सुजताही नही जो आप स्टेटस पर रख सके इस लीये हम ले के आये हे कूच खास श्रद्धांजली संदेश जो आपको जरूर पसंद आयेणगे.

आप हमे अपणे अभिप्राय कमेन्ट बॉक्स मे लिखकर बता सकते है अगर आप भी एसे संदेश लिखते है तो वो आप हमे भेज सकते हे |

दुःखद समाचार प्राप्त हुआ.
इस दुःख भरे समय में
ईश्वर आपको और आपके
परिवार को शक्ति और साहस दे.

यह संसार प्रकृति के नियमों के अधीन हैं
और परिवर्तन एक नियम है
शरीर तो मात्र एक साधन है
इस दुःख की घडी में हम सब आपके साथ हैं..

कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई
कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए

आपको सत सत नमन् धन्या हुई वो माटी जिस पर तूने जन्मा लिया शीश नवाये उस माता को जिसने तुझको जन्मा दिया सीने में गोली खाकर हंसते हंसते मरने वाले तुझे प्रणाम।।

मेरे इन देश पर कुर्बान हुए शहीदों को, दिल से नमन।। “भारत माता की जय”।।

भारत माता की जय भारत माता के वीर सपूतो को सत सत नमन, यह लोग मरकर भी हम सभी की यादो मे जिंदा है ।। जय हिन्द जय भ़ारत।।

देश के जवान भिगोकर लहू में वर्दी कहानी दे गए अपनी मोहब्बत मुल्क की सच्ची निशानी दे गए अपनी कोरोना के डर से जब हम सभी घर में बैठे थे तब गलवान घाटी में सैनिक जवानी दे गए अपनी ।। जय हिन्द।।

वक़्त आने पर बता देंगे हम अभी से क्या कहे क्या हमारे दिल में है।। भारत माता की जय।।

नमन उन शहीदो को जो देश पर कुर्बान गये, अब भी जागो देशवासियो यह करते वो आह्वान गये, कब छटेगे भय के बादल कब होगी दूर उदासी ।। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।।

चलो फिर से आज वो नजारा याद कर ले, शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर ले, जिसमे बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे देशभक्तों के खून की वो धरा याद कर ले।।

जो देश के लिए शहीद हुए उनको मेरा सलाम है, अपने खून से जिस जमीन को सींचा उन बहादुरों को सलाम है।।

कैसे सोऊँ सुकून की नींद मैं साहब, सुकून से सुलाने वालों के तो शव आ रहें हैं।।

फ़ौजी की मौत पर परिवार को दुःख कम और गर्व ज्यादा होता हैं, ऐसे सपूतों को जन्म देकर माँ का कोख भी धन्य हो जाता हैं।।

कतरा–कतरा भी दिया वतन के वास्ते, एक बूंद तक ना बचाई इस तन के वास्ते, यूं तो मरते है लाखो लोग हर रोज पर मरना तो वो है जो जान जाये वतन के वास्ते।।

पूरे देश के नैनों में अश्कों का घर कर गए, प्यारी सहर को लहूलुहान दोपहर कर गए, वतन सबसे पहले जिनके दिल में आता है, उल्फ़त का किस्सा वो अपना अमर कर गए।।

तपते पत्थरों में सीना तान जो पसीना बहाता है, कंपकंपाती जुबान से जो जन गण मन गाता है, जान की परवाह को पीछे रख वो देश की रक्षा करे, बस फ़ौजी ही सच्चा भारत माँ का बेटा कहलाता है।।

शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले वतन पर मरनेवालों का यही बाक़ी निशाँ होगा ।। – जगदंबा प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’।।

तपते पत्थरों में सीना तान जो पसीना बहाता है, कंपकंपाती जुबान से जो जन गण मन गाता है, जान की परवाह को पीछे रख वो देश की रक्षा करे, बस फ़ौजी ही सच्चा भारत माँ का बेटा कहलाता है।।

क्या हुआ जो चेहरे पर उसके हिज़ाब था, छुपा कुछ ना, सब बेनक़ाब था, उसका भाई भी हिंदुस्तान के लिए शहीद हुआ, उसे भी इस मुल्क से इश्क़ बेहिसाब था।।

मां देख तिरंगा मेरे तन पर, कितना सुंदर खिलता है. ऐसा कफ़न मेरी मां बस, किस्मतवालो को मिलता है. देकर समर्पण मातृभूमि को, गर्व से मैं इठलाता हूँ. मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनिया मे मां लेकिन. भारत मां का बेटा बनकर, इस दुनिया से जाता हूँ मा भारती के वीर बेटो को कोटि कोटि प्रणाम. जय हिन्द।।

कैसे कहूँ में आज भी जिंदा हूं, मेरी मौत का तो जश्न मनाया जा रहा है, जरूरत के हिसाब से मुझे शहीद -क्रांतिकारी बताकर, आज की राजनीति का मुझे गुलाम बनाया जा रहा है।। एक स्वतंत्रता सेनानी ।।

राष्ट्रप्रेम ओढ़कर लेटे थे शौर्य के सूरज 23मार्च का वो दिन शुरू।। हिंद की रज कण में अमर रहेंगे सुखदेव भक्तसिंह राजगुरू। नमन ,जयहिंद।।

देश की आजादी के लिये अपना प्राणो को न्योछावर करने वाले देशभक्त को सत सत नमन. राष्ट्र आपके बलिदान को हमेशा याद रखेगा और हम सब सदैव आपके ऋणी रहेंगे।।

देश के अमर शहीदों को नमन आज देश को फिर से आप जैसे वीरों की जरूरत है।।

जिस भारत माता की जय बोलते हुए आप फांसी पर लटक गये, उसी भारत माता की जय बोलने मे आज कुछ लोग कतराते है, अच्छा हुआ यह सब आपने नही देखा।। नमन।।

आज़ादी की लड़ाई के इन महान क्रांतिकारी वीरों को आज उनके शहीदी दिवस पर पूरा देश नमन करता है।। हिन्दुस्तान ज़िंदाबाद।।

शहीदों को सत सत नमन शहीदों के करण ही हम आज आजादी में सांस ले पा रहें हैं।।

मृत्यु सत्य है और शरीर नश्वर हैं, यह जानते हुए भी अपनों के जाने का दुःख होता हैं. हमें ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि दिवंगत आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें.

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